बकरी पालन का काम गांव और छोटे शहरों में कमाई का एक अच्छा विकल्प बन सकता है। लेकिन अच्छी नस्ल की बकरियां खरीदने, शेड बनाने, चारा और पानी की व्यवस्था करने के लिए शुरुआत में पैसे की जरूरत होती है। ऐसे में बैंक से Goat Farming Business Loan लिया जा सकता है।
बकरी पालन के लिए मिलने वाले लोन की रकम बैंक, प्रोजेक्ट की लागत, आवेदक की क्षमता और बैंक की शर्तों पर निर्भर करती है। इसके अलावा सरकार की National Livestock Mission यानी NLM के तहत पात्र बकरी breeding farm projects के लिए 50 प्रतिशत तक capital subsidy का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹50 लाख तक हो सकती है। यह subsidy हर छोटे बकरी पालन कारोबार के लिए अपने आप नहीं मिलती, बल्कि योजना की तय शर्तें पूरी करने वाले प्रोजेक्ट को मिलती है।
बकरी पालन के लिए कौन सा लोन लिया जा सकता है?
बकरी पालन के लिए बैंक की कृषि और पशुपालन से जुड़ी loan facility का इस्तेमाल किया जा सकता है। बैंक आम तौर पर प्रोजेक्ट में बकरियों की खरीद, उनके लिए शेड और कुछ जरूरी infrastructure जैसी लागत को देखकर finance करता है।
छोटे स्तर पर बकरी पालन शुरू करने वाला व्यक्ति सामान्य sheep and goat rearing loan के लिए बैंक से संपर्क कर सकता है। वहीं बड़े commercial breeding farm के लिए National Livestock Mission के Entrepreneurship Development Programme यानी NLM-EDP के तहत subsidy का विकल्प देखा जा सकता है।
इसलिए आवेदन करने से पहले यह तय करना जरूरी है कि आपका काम सामान्य goat rearing है या NLM के तहत आने वाला breeding farm project।
कितना बकरी पालन लोन मिल सकता है?
बकरी पालन के लिए कोई एक ऐसी सरकारी fixed loan amount नहीं है जो हर व्यक्ति को मिले। लोन की रकम आपकी project cost और बैंक की मंजूरी पर निर्भर करती है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति को बकरियां खरीदने और शेड बनाने के लिए ₹5 लाख की जरूरत है, तो बैंक प्रोजेक्ट की जांच के बाद ₹5 लाख तक या उससे कम राशि मंजूर कर सकता है। इसी तरह बड़े प्रोजेक्ट में ज्यादा finance की जरूरत हो सकती है।
कुछ बैंकों की sheep and goat rearing loan facilities में ₹10 लाख तक के allied agriculture loans के लिए credit guarantee coverage का प्रावधान भी होता है। हालांकि यह किसी भी आवेदक को ₹10 लाख देने की गारंटी नहीं है। बैंक अपनी credit policy और प्रोजेक्ट की जांच के आधार पर अंतिम फैसला करता है।
NLM में बकरी पालन पर कितनी subsidy मिलती है?
National Livestock Mission के Entrepreneurship Development Programme में sheep और goat breeding farm स्थापित करने के लिए 50 प्रतिशत तक capital subsidy का प्रावधान है। subsidy की अधिकतम सीमा ₹50 लाख तक हो सकती है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को ₹50 लाख का लोन मिलेगा या हर छोटे goat farm पर ₹25 लाख की subsidy मिल जाएगी। Subsidy केवल eligible project और योजना में तय components पर लागू होती है।
सरकारी योजना के अनुसार NLM-EDP में subsidy पाने वाले project के लिए बाकी लागत बैंक लोन या अपनी contribution के माध्यम से पूरी करनी होती है। योजना में beneficiary की अपनी contribution के लिए भी नियम हैं।
| जानकारी | NLM-EDP के तहत स्थिति |
|---|---|
| बकरी पालन का प्रकार | मुख्य रूप से breeding farm project |
| Capital subsidy | 50 प्रतिशत तक |
| अधिकतम subsidy | ₹50 लाख तक |
| बाकी project cost | बैंक loan या अपनी contribution से |
| Subsidy का उद्देश्य | Eligible capital cost |
| Working capital | Subsidy में शामिल नहीं |
| जमीन खरीदना | Subsidy में शामिल नहीं |
कौन ले सकता है बकरी पालन की subsidy?
NLM-EDP के तहत केवल individual किसान ही नहीं, बल्कि योजना की शर्तें पूरी करने वाले कई तरह के applicants आवेदन कर सकते हैं। इनमें individual applicants, Farmer Producer Organizations यानी FPO, Self Help Groups यानी SHG, Joint Liability Groups यानी JLG, Farmer Cooperative Organizations और Section 8 companies शामिल हैं।
लेकिन केवल इन categories में होना काफी नहीं है। प्रोजेक्ट को NLM की तय technical और financial conditions भी पूरी करनी होती हैं।
गोat breeding farm के मामले में applicant के पास अपनी जमीन या वैध lease वाली जमीन होना जरूरी हो सकता है। साथ ही बकरी पालन का प्रशिक्षण, इस क्षेत्र में अनुभव या trained technical person की व्यवस्था जैसी शर्तें भी योजना के अनुसार महत्वपूर्ण हैं।
बड़े Goat Farm के लिए कितनी बकरियां चाहिए?
NLM की goat breeding farm वाली activity छोटे स्तर के सामान्य बकरी पालन से अलग है। योजना के निर्धारित model में breeding unit के लिए minimum 500 female goats और 25 male goats का प्रावधान दिया गया है।
यही वजह है कि NLM की 50 प्रतिशत subsidy को हर छोटे goat farming business के लिए लागू मानना सही नहीं है। अगर कोई व्यक्ति 10, 20, 50 या 100 बकरियों से काम शुरू करना चाहता है, तो उसे पहले यह देखना चाहिए कि उसका project NLM-EDP के eligible model में आता है या सामान्य bank goat-rearing loan उसके लिए सही रहेगा।
Goat Farming Loan लेने के लिए क्या चाहिए?
बैंक लोन के लिए दस्तावेज आपकी loan amount और बैंक की requirements के अनुसार अलग हो सकते हैं। बैंक सबसे पहले यह देखता है कि applicant कौन है, project कहां लगाया जाएगा और उसे चलाने की क्षमता है या नहीं।
आम तौर पर आवेदन के समय ये चीजें तैयार रखना उपयोगी होता है:
- Aadhaar, PAN और KYC से जुड़े दस्तावेज
- जमीन या lease से जुड़े कागज
- बकरी पालन की project report
- बैंक खाते और वित्तीय जानकारी से जुड़े दस्तावेज
बड़े NLM project के लिए project report में goats की संख्या, breeding plan, शेड, पानी, चारा, veterinary care, labour, equipment, अनुमानित खर्च और कमाई का पूरा हिसाब देना जरूरी होता है।
Project Report कैसे बनाएं?
बकरी पालन का loan लेते समय project report बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसमें केवल यह लिखना काफी नहीं है कि आपको 100 या 500 बकरियां खरीदनी हैं। बैंक को यह समझाना पड़ता है कि पूरा farm कैसे चलेगा।
Project report में जमीन, शेड, बकरियों की खरीद, breeding arrangement, चारा, पानी, पशु चिकित्सा, मजदूरी, बिजली, equipment और दूसरी जरूरी लागत शामिल की जाती है।
इसके साथ यह भी दिखाना जरूरी है कि बकरी पालन से आय कैसे होगी और loan की किस्त किस तरह चुकाई जाएगी। जितना बड़ा project होगा, उतनी ही अच्छी planning की जरूरत होगी।
बकरी पालन बिजनेस लोन के लिए आवेदन कैसे करें?
अगर आप सामान्य goat farming loan लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले उस बैंक की branch से संपर्क करें जहां आपका खाता है या जहां पशुपालन loan उपलब्ध है। बैंक से goat rearing या livestock loan के बारे में project requirements पूछें।
NLM subsidy वाले project के लिए प्रक्रिया अलग है। NLM-EDP की आवेदन प्रक्रिया online है और application को योजना के portal के माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है।
आसान भाषा में प्रक्रिया इस तरह समझ सकते हैं:
पहला कदम: तय करें कि आप छोटा goat rearing business शुरू करना चाहते हैं या NLM के तहत eligible breeding farm।
दूसरा कदम: जमीन, शेड, बकरियों और बाकी जरूरतों के आधार पर project cost तैयार करें।
तीसरा कदम: एक detailed project report तैयार करें।
चौथा कदम: सामान्य loan के लिए बैंक में goat farming loan application जमा करें। NLM project के लिए संबंधित online application process पूरा करें।
पांचवां कदम: बैंक project की जांच करके loan पर फैसला करेगा।
छठा कदम: NLM project में राज्य स्तर की जांच और योजना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद eligible project को आगे की मंजूरी मिलती है।
सातवां कदम: loan sanction होने और जरूरी conditions पूरी होने के बाद project स्थापित किया जाता है और subsidy योजना के नियमों के अनुसार जारी की जाती है।
NLM के लिए आवेदन और योजना की जानकारी सरकार के National Livestock Mission portal पर उपलब्ध है।
Subsidy का पैसा कैसे मिलता है?
NLM की subsidy को सामान्य cash payment की तरह नहीं समझना चाहिए। यह capital subsidy है और योजना के अनुसार चरणों में जारी होती है।
सरकारी नियमों के अनुसार subsidy दो बराबर instalments में दी जा सकती है। पहली instalment बैंक द्वारा loan की पहली instalment जारी होने और संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी होती है। दूसरी instalment project पूरा होने और राज्य की संबंधित agency द्वारा उसे certify करने के बाद जारी की जाती है।
एक और जरूरी बात यह है कि subsidy project की eligible capital cost पर होती है। जमीन खरीदने, किराए या lease की लागत और working capital जैसी कुछ लागतों पर subsidy नहीं मिलती।
क्या छोटे किसान को भी Goat Farming Loan मिल सकता है?
हां, छोटे स्तर पर बकरी पालन शुरू करने वाला व्यक्ति भी बैंक से livestock या goat rearing loan के लिए आवेदन कर सकता है। लेकिन loan की मंजूरी automatic नहीं होती।
बैंक प्रोजेक्ट की लागत, applicant की contribution, बकरियों की संख्या, शेड और दूसरी सुविधाओं के साथ repayment क्षमता को देख सकता है। बैंक यह भी देख सकता है कि स्थानीय क्षेत्र में goat farming के लिए पर्याप्त चारा, पानी, veterinary सुविधा और बाजार उपलब्ध है या नहीं।
इसलिए केवल loan की रकम देखकर business शुरू करने के बजाय पहले यह हिसाब लगाना बेहतर है कि आपकी कुल लागत कितनी होगी और हर महीने या हर season में अनुमानित income कितनी हो सकती है।
लोन लेने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
बकरी पालन में सबसे बड़ा खर्च केवल बकरियां खरीदना नहीं होता। शेड, चारा, पानी, दवाइयां, vaccination, labour और दूसरे खर्च भी लगातार होते हैं।
बैंक से loan लेने से पहले यह जरूर देखें कि आपके पास project में अपना हिस्सा लगाने के लिए पर्याप्त पैसा है या नहीं। बड़ी subsidy सुनकर जरूरत से ज्यादा बड़ा project लेना सही फैसला नहीं हो सकता।
साथ ही नस्ल का चुनाव भी आपके इलाके के हिसाब से होना चाहिए। सही management, साफ पानी, अच्छा चारा और समय पर पशु चिकित्सा सुविधा farm की सफलता में बहुत जरूरी हैं।
सरकारी आवेदन कहां करें?
National Livestock Mission की आधिकारिक जानकारी और आवेदन से जुड़ी सुविधा Department of Animal Husbandry and Dairying की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
आधिकारिक National Livestock Mission वेबसाइट: https://dahd.gov.in/schemes/programmes/national_livestock_mission
NLM-EDP के लिए online application और dashboard की सुविधा भी सरकारी portal के माध्यम से उपलब्ध है। आवेदन करने से पहले अपनी activity और eligibility को योजना के मौजूदा नियमों से जरूर मिलाएं।
बकरी पालन शुरू करने के लिए बैंक से Goat Farming Business Loan लिया जा सकता है और बड़े eligible goat breeding farm के लिए National Livestock Mission के तहत subsidy का विकल्प भी मौजूद है। NLM-EDP में eligible projects के लिए capital subsidy 50 प्रतिशत तक और अधिकतम ₹50 लाख तक हो सकती है।
लेकिन ₹50 लाख की subsidy को हर व्यक्ति के लिए मिलने वाला सामान्य goat farming loan समझना गलत होगा। यह तय conditions वाले breeding farm projects के लिए है। छोटे स्तर पर बकरी पालन शुरू करने वालों को सामान्य livestock या goat rearing loan अधिक उपयुक्त हो सकता है।
इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी बकरियों की संख्या, जमीन, शेड, कुल खर्च, अपनी contribution और संभावित कमाई का पूरा हिसाब तैयार करें। सही project report के साथ बैंक और संबंधित सरकारी योजना में आवेदन करना ही बकरी पालन बिजनेस शुरू करने का बेहतर तरीका है।













