अगर आप अपना खुद का काम शुरू करना चाहते हैं, लेकिन पैसों की कमी के कारण शुरुआत नहीं कर पा रहे हैं, तो सरकार की एक योजना आपके लिए मददगार हो सकती है। इस योजना के तहत नए छोटे कारोबार शुरू करने के लिए बैंक से लोन लिया जा सकता है और पात्र आवेदकों को सरकार की ओर से सब्सिडी भी मिलती है।
इस योजना का नाम प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP है। इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए अधिकतम ₹50 लाख और बिजनेस या सर्विस सेक्टर के लिए अधिकतम ₹20 लाख तक की परियोजना लागत पर योजना के अनुसार सहायता मिल सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को सीधे ₹50 लाख का लोन मिल जाएगा। लोन की मंजूरी बैंक प्रोजेक्ट और आवेदक की स्थिति देखकर करता है।
PMEGP Scheme क्या है?
PMEGP केंद्र सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य नए छोटे कारोबार शुरू करने में लोगों की मदद करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। योजना के तहत बैंक के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाती है और पात्र लाभार्थियों को प्रोजेक्ट की लागत पर मार्जिन मनी सब्सिडी मिल सकती है।
यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जो कोई नया छोटा उद्योग, सर्विस बिजनेस या योजना के तहत मान्य कारोबार शुरू करना चाहते हैं।
PMEGP का फायदा लेने के लिए कारोबार नया होना चाहिए। पहले से चल रही यूनिट को सामान्य नए-यूनिट वाले लाभ के तहत सिर्फ दोबारा आवेदन करके यह लाभ नहीं मिलता।
कितने रुपये तक की परियोजना पर मिल सकती है मदद?
PMEGP में परियोजना की अधिकतम लागत कारोबार के प्रकार पर निर्भर करती है।
| कारोबार का प्रकार | अधिकतम परियोजना लागत |
|---|---|
| मैन्युफैक्चरिंग | ₹50 लाख |
| बिजनेस या सर्विस | ₹20 लाख |
यहां परियोजना लागत और बैंक से मिलने वाले लोन को एक जैसा समझना सही नहीं है। उदाहरण के लिए, अगर किसी मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट की लागत ₹50 लाख है, तो बैंक पूरे ₹50 लाख को उसी तरह मंजूर करेगा, यह जरूरी नहीं है। बैंक प्रोजेक्ट की जांच करके अपनी मंजूरी देता है।
प्रोजेक्ट की लागत में मशीन, उपकरण और जरूरत के अनुसार कामकाजी पूंजी जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। जमीन की कीमत को PMEGP प्रोजेक्ट लागत में शामिल नहीं किया जाता।
कितनी सब्सिडी मिल सकती है?
PMEGP में सब्सिडी की दर आवेदक की कैटेगरी और कारोबार की जगह पर निर्भर करती है। सामान्य कैटेगरी के लिए ग्रामीण क्षेत्र में सब्सिडी की दर 25 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 15 प्रतिशत है।
विशेष कैटेगरी के पात्र आवेदकों के लिए ग्रामीण क्षेत्र में यह दर 35 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 25 प्रतिशत तक हो सकती है।
| आवेदक की कैटेगरी | अपना योगदान | ग्रामीण क्षेत्र में सब्सिडी | शहरी क्षेत्र में सब्सिडी |
|---|---|---|---|
| सामान्य कैटेगरी | 10% | 25% | 15% |
| विशेष कैटेगरी | 5% | 35% | 25% |
विशेष कैटेगरी में योजना के नियमों के अनुसार SC, ST, OBC, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, पूर्व सैनिकों, दिव्यांग लोगों और कुछ अन्य निर्धारित वर्गों को शामिल किया गया है।
सब्सिडी का मतलब यह नहीं है कि सरकार यह पैसा सीधे आपके खाते में नकद दे देती है। PMEGP में मार्जिन मनी सब्सिडी बैंक के माध्यम से योजना के नियमों के अनुसार रखी और बाद में लोन खाते में समायोजित की जाती है।
कौन ले सकता है इस योजना का फायदा?
PMEGP के तहत नया कारोबार शुरू करने के लिए सामान्य रूप से आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। योजना में नए प्रोजेक्ट के लिए कोई सामान्य आय सीमा नहीं रखी गई है।
अगर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट की लागत ₹10 लाख से ज्यादा है या बिजनेस और सर्विस प्रोजेक्ट की लागत ₹5 लाख से ज्यादा है, तो आवेदक का कम से कम 8वीं कक्षा पास होना जरूरी है।
योजना में केवल वही कारोबार शामिल नहीं होते जो सामान्य रूप से हर प्रकार के बिजनेस के लिए खुले हैं। कुछ गतिविधियां योजना की नेगेटिव लिस्ट में आती हैं और कुछ ट्रेडिंग गतिविधियों पर भी विशेष नियम लागू होते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने कारोबार की गतिविधि PMEGP के नियमों में मान्य है या नहीं, यह देखना जरूरी है।
अपना Business शुरू करने के लिए ऐसे करें आवेदन
PMEGP के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जाता है। सबसे पहले आपको यह तय करना होगा कि आप कौन सा काम शुरू करना चाहते हैं और उसके लिए कितनी पूंजी की जरूरत होगी।
इसके बाद अपने कारोबार का एक सही प्रोजेक्ट तैयार करना जरूरी है। इसमें मशीन, सामान, किराया या वर्कशॉप से जुड़ी लागत, कामकाजी पूंजी, संभावित बिक्री और रोजगार जैसी जानकारी होनी चाहिए।
आवेदन करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- अपनी व्यक्तिगत जानकारी और दस्तावेज सही तरीके से भरें
- कारोबार और प्रोजेक्ट की लागत वास्तविक रखें
- बैंक के लिए एक साफ और समझने में आसान प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें
- आवेदन के बाद बैंक की जांच और जरूरी प्रक्रिया पूरी करें
आवेदन PMEGP के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। आवेदन के बाद प्रोजेक्ट की जांच होती है और पात्र प्रोजेक्ट को बैंक की ओर से लोन के लिए देखा जाता है।
बैंक से Loan मिलने की प्रक्रिया क्या है?
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद मामला सीधे इस तरह नहीं होता कि सरकार तुरंत पैसा आपके खाते में भेज दे। बैंक प्रोजेक्ट की व्यवहारिकता और वित्तीय स्थिति की जांच करता है।
बैंक यह देख सकता है कि कारोबार शुरू करने के लिए कितना पैसा चाहिए, प्रोजेक्ट से कमाई की संभावना क्या है, आवेदक अपना हिस्सा लगा सकता है या नहीं और लोन की रकम वापस करने की क्षमता कैसी होगी।
बैंक की मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाती है। PMEGP के तहत पात्र लाभार्थियों के लिए EDP यानी Entrepreneurship Development Programme ट्रेनिंग भी योजना की प्रक्रिया का हिस्सा है, हालांकि नियमों के अनुसार कुछ मामलों में छूट हो सकती है।
किन बातों का रखें खास ध्यान?
PMEGP में आवेदन करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट और वास्तविक कारोबार एक-दूसरे से मेल खाते हों। केवल ज्यादा लोन पाने के लिए प्रोजेक्ट की लागत बढ़ाकर दिखाना सही तरीका नहीं है।
आपको यह भी समझना चाहिए कि सब्सिडी और लोन अलग चीजें हैं। सब्सिडी मिलने से आपका पूरा लोन माफ नहीं होता। बैंक से लिया गया लोन योजना के अनुसार वापस करना होता है।
इसके अलावा, आवेदन के नाम पर किसी ऐसे व्यक्ति को पैसे देने से बचें जो सरकारी मंजूरी की गारंटी देने का दावा करता हो। PMEGP से जुड़े आधिकारिक पोर्टल पर भी निजी एजेंट, बिचौलिये या फ्रेंचाइजी के जरिए प्रोजेक्ट मंजूर कराने के दावों को लेकर सावधानी बरतने की जानकारी दी गई है।
कम पैसे से शुरू करने वालों के लिए क्यों उपयोगी हो सकती है यह योजना?
किसी भी कारोबार को शुरू करने में अपनी पूंजी की जरूरत होती है। PMEGP में सामान्य कैटेगरी के आवेदक को प्रोजेक्ट लागत का 10 प्रतिशत और विशेष कैटेगरी के पात्र आवेदक को 5 प्रतिशत अपना योगदान देना होता है। बाकी रकम बैंक फाइनेंस और योजना के अनुसार मिलने वाली सब्सिडी की संरचना से जुड़ी होती है।
इस वजह से जिन लोगों के पास पूरा निवेश उपलब्ध नहीं है, उनके लिए यह योजना एक विकल्प बन सकती है। लेकिन कारोबार शुरू करने से पहले यह देखना जरूरी है कि उस काम की स्थानीय मांग है या नहीं और हर महीने की कमाई से लोन की किस्त चुकाना संभव होगा या नहीं।
अगर आपके पास कोई अच्छा Business Idea है और आप उसे सही तरीके से शुरू करना चाहते हैं, तो PMEGP आपके लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी योजना हो सकती है। इसके तहत नए कारोबार के लिए बैंक फाइनेंस और पात्र आवेदकों को सब्सिडी का लाभ मिल सकता है।
मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट के लिए अधिकतम परियोजना लागत ₹50 लाख और बिजनेस या सर्विस प्रोजेक्ट के लिए ₹20 लाख तक है। सब्सिडी की दर आवेदक की कैटेगरी और ग्रामीण या शहरी क्षेत्र के हिसाब से अलग होती है।
सबसे जरूरी बात यह है कि आवेदन करने से पहले अपने कारोबार का सही प्लान बनाएं, प्रोजेक्ट लागत को वास्तविक रखें और योजना की पात्रता पूरी तरह समझ लें। सही जानकारी और मजबूत प्रोजेक्ट के साथ यह योजना अपना काम शुरू करने की दिशा में मदद दे सकती है।













