प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ उसके विकल्पों की जरूरत भी बढ़ रही है। इसी वजह से पेपर और दूसरे पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग उत्पादों का कारोबार छोटे शहरों और कस्बों में भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। दुकानों, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और छोटे कारोबारों को हर दिन पैकेजिंग की जरूरत होती है, इसलिए इस क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर काम शुरू करने की गुंजाइश है।
अगर सही जगह, सही ग्राहक और सही उत्पाद चुना जाए तो छोटा कारोबार धीरे-धीरे बड़ा किया जा सकता है। हालांकि किसी भी बिजनेस में कमाई तय नहीं होती और शुरुआत से पहले स्थानीय मांग और लागत का हिसाब समझना जरूरी है।
Plastic के बाद किस Business की मांग बढ़ रही है?
प्लास्टिक की जगह इस्तेमाल होने वाले पेपर बैग, पेपर पैकेजिंग और कुछ दूसरे वैकल्पिक पैकेजिंग उत्पादों की मांग कई कारोबारों में दिखाई दे रही है। इसका कारण सिर्फ पर्यावरण की चिंता नहीं है, बल्कि कई जगह प्लास्टिक से जुड़े नियमों और ग्राहकों की बदलती पसंद ने भी पैकेजिंग के विकल्पों पर ध्यान बढ़ाया है। भारत में कुछ single-use plastic items पर रोक भी लागू है, इसलिए कारोबारियों को अलग तरह की पैकेजिंग की जरूरत पड़ती है।
यही जगह छोटे कारोबार के लिए मौका बन सकती है। बड़े शहर में जाकर फैक्ट्री लगाने के बजाय कोई व्यक्ति अपने छोटे शहर में पेपर बैग या दूसरी पैकेजिंग तैयार करके आसपास की दुकानों को सप्लाई कर सकता है।
छोटे शहर में यह Business क्यों शुरू किया जा सकता है?
इस कारोबार की सबसे अच्छी बात यह है कि ग्राहक आपके आसपास ही मिल सकते हैं। किराना दुकान, कपड़ों की दुकान, मेडिकल स्टोर, मिठाई की दुकान, रेस्टोरेंट और दूसरे स्थानीय कारोबारी पैकेजिंग का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप उन्हें समय पर सामान और सही कीमत दे पाते हैं तो दूर के सप्लायर के मुकाबले आपका स्थानीय होना फायदा दे सकता है।
शुरुआत में एक ही तरह का सामान बनाकर बाजार समझना बेहतर रहेगा। उदाहरण के लिए पहले अलग-अलग आकार के पेपर बैग पर ध्यान दिया जा सकता है और बाद में ग्राहकों की मांग के हिसाब से दूसरे पैकेजिंग उत्पाद जोड़े जा सकते हैं।
शुरुआत में किन चीजों की जरूरत होगी?
पेपर पैकेजिंग का काम छोटे स्तर पर शुरू करने के लिए जगह, कागज, कटिंग और फोल्डिंग की व्यवस्था, बैग बनाने की मशीन या जरूरी उपकरण, गोंद, हैंडल के लिए सामग्री और पैकिंग जैसी चीजों की जरूरत पड़ सकती है। आपका काम कितना बड़ा है, उसके हिसाब से मशीन और जगह का खर्च बदल जाएगा। इसलिए शुरुआत में बड़ी मशीन खरीदने के बजाय स्थानीय बाजार की मांग देखकर निवेश करना ज्यादा समझदारी होगी।
अगर आप केवल सामान बनाकर थोक में दुकानदारों को बेचते हैं तो काम करने का तरीका अलग होगा, जबकि खुद डिजाइन और प्रिंटिंग करके ब्रांडेड बैग बेचने में ज्यादा व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है। पहले एक सरल मॉडल से शुरुआत करना आसान रहेगा।
सबसे पहले ग्राहक कहां मिलेंगे?
इस बिजनेस में ग्राहक ढूंढने के लिए बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है। अपने शहर और आसपास की दुकानों की एक सूची बनाकर उनसे सीधे बात की जा सकती है। दुकानदार से यह पूछना जरूरी है कि उसे किस आकार के बैग चाहिए, महीने में कितनी मात्रा चाहिए और वह अभी किस कीमत पर खरीद रहा है।
अगर आप नियमित सप्लाई, सही वजन और अच्छी क्वालिटी दे सकते हैं तो छोटे ऑर्डर से शुरुआत करके धीरे-धीरे बड़े ऑर्डर लिए जा सकते हैं। रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान और कपड़ों के कारोबार जैसे ग्राहक अपने नाम और लोगो वाली पैकेजिंग भी मांग सकते हैं, जिससे सामान्य बैग के मुकाबले अलग तरह का कारोबार बनाया जा सकता है।
कमाई कैसे होगी?
इस बिजनेस में कमाई इस बात पर निर्भर करेगी कि एक बैग या पैकेजिंग उत्पाद तैयार करने में आपकी कुल लागत कितनी आती है और आप उसे किस कीमत पर बेचते हैं। कागज, मजदूरी, बिजली, गोंद, हैंडल, प्रिंटिंग, मशीन की लागत और डिलीवरी जैसे सभी खर्च जोड़कर असली लागत निकालनी चाहिए।
सिर्फ ज्यादा बैग बनाना ही मुनाफे की गारंटी नहीं है। अगर कच्चा माल महंगा पड़ रहा है या सामान तैयार करके ग्राहक तक पहुंचाने में बहुत खर्च हो रहा है तो बिक्री बढ़ने के बावजूद मुनाफा कम रह सकता है। इसलिए शुरुआत से हर ऑर्डर का खर्च और बचत लिखकर रखना जरूरी है।
इस Business को बड़ा कैसे बनाया जा सकता है?
पहले कुछ स्थानीय दुकानों से शुरुआत करके नियमित ऑर्डर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। जब बिक्री स्थिर हो जाए तो आसपास के कस्बों और छोटे शहरों के दुकानदारों तक पहुंच बनाई जा सकती है। इसके साथ अलग-अलग आकार, डिजाइन और प्रिंटिंग वाले बैग जोड़कर ग्राहकों को ज्यादा विकल्प दिए जा सकते हैं।
आगे चलकर सिर्फ पेपर बैग तक सीमित रहने के बजाय पैकेजिंग से जुड़े दूसरे उत्पाद भी जोड़े जा सकते हैं। इससे एक ग्राहक से ज्यादा तरह के ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ती है और कारोबार केवल एक उत्पाद पर निर्भर नहीं रहता।
इस Business में किन बातों का ध्यान रखें?
पेपर पैकेजिंग का कारोबार आसान दिखता है, लेकिन इसमें भी गुणवत्ता और लागत पर लगातार नजर रखनी पड़ती है। अगर बैग कमजोर है, गोंद ठीक से नहीं लगा है या ग्राहक को समय पर माल नहीं मिलता तो वह दूसरे सप्लायर के पास जा सकता है। इसलिए शुरुआत से ही काम की गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- मजबूत और अच्छी गुणवत्ता वाला कागज इस्तेमाल करें
- ग्राहक की जरूरत के हिसाब से सही आकार तैयार करें
- बड़े ऑर्डर से पहले लागत का पूरा हिसाब लगाएं
- समय पर सामान पहुंचाने की व्यवस्था रखें
क्या छोटे शहर में Competition की समस्या होगी?
प्रतिस्पर्धा हर कारोबार में होती है और पेपर पैकेजिंग भी इसका अपवाद नहीं है। कुछ जगह पहले से कई सप्लायर मौजूद हो सकते हैं। ऐसे बाजार में केवल कम कीमत पर बेचने की कोशिश करना सही तरीका नहीं होगा, क्योंकि इससे मुनाफा बहुत कम हो सकता है।
बेहतर तरीका यह है कि आप किसी खास ग्राहक वर्ग पर ध्यान दें। उदाहरण के लिए स्थानीय मिठाई की दुकानों के लिए अच्छी प्रिंटिंग वाली पैकेजिंग, कपड़ों की दुकानों के लिए मजबूत बैग या छोटे कारोबारों के लिए कम मात्रा में ऑर्डर जैसी सुविधा दी जा सकती है। ग्राहक की जरूरत के हिसाब से सेवा देना आपको अलग पहचान दिला सकता है।
शुरुआत करने से पहले क्या जांचना चाहिए?
पैसा लगाने से पहले अपने शहर के कम से कम कुछ दर्जन संभावित ग्राहकों से बात करना सबसे अच्छा कदम होगा। पता करें कि वे अभी किस तरह की पैकेजिंग इस्तेमाल कर रहे हैं, महीने में कितना सामान खरीदते हैं और उनकी सबसे बड़ी परेशानी क्या है। इसके बाद कागज और दूसरी सामग्री की स्थानीय कीमत लेकर एक बैग की वास्तविक लागत निकालें।
अगर आपके पास स्थानीय ग्राहक हैं और लागत निकालने के बाद उचित मार्जिन बचता है, तभी धीरे-धीरे निवेश बढ़ाना बेहतर रहेगा। मशीन खरीदने से पहले ऑर्डर और बाजार की मांग समझ लेना कारोबार के जोखिम को कम कर सकता है।
Plastic के विकल्प के रूप में पेपर पैकेजिंग और दूसरे पैकेजिंग उत्पादों का बाजार छोटे कारोबारियों के लिए एक संभावित अवसर बन सकता है। खासकर छोटे शहरों में स्थानीय दुकानदारों को समय पर सामान पहुंचाना और उनकी जरूरत के हिसाब से पैकेजिंग देना एक मजबूत बिजनेस मॉडल बन सकता है।
लेकिन इसे केवल एक ट्रेंड देखकर शुरू नहीं करना चाहिए। पहले बाजार की मांग, कच्चे माल की कीमत, मशीन और मजदूरी का खर्च, प्रतियोगिता और संभावित बिक्री का हिसाब लगाएं। अगर आंकड़े आपके पक्ष में हैं तो छोटे स्तर से शुरुआत करके धीरे-धीरे ग्राहक और उत्पाद बढ़ाना इस बिजनेस को आगे ले जाने का बेहतर तरीका हो सकता है।












